मानवता की मिसाल: बुजुर्ग महिला को नंगे पैर देख महिला पुलिस अधिकारी का पसीजा दिल

महिला थानाध्यक्ष अपनी एक्टिव एंटी रोमियो टीम के साथ आगामी त्‍योहार के मद्देनजर मैन मार्केट में पैदल गश्त कर ले रही जायजा

मानवता की मिसाल:  बुजुर्ग महिला को नंगे पैर देख महिला पुलिस अधिकारी का पसीजा दिल
मानवता की मिसाल:  बुजुर्ग महिला को नंगे पैर देख महिला पुलिस अधिकारी का पसीजा दिल

बदायूँ (गोरखपुर,उत्तरप्रदेश/ शशि जायसवाल/ अभिषेक वर्मा)  जब किसी पुलिसकर्मी का मानवता से भरा चेहरा सामने आता है। तो उनके इस कारनामे को देखकर सभी का दिल खुशी से भर आता है। ऐसा ही मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले का जहां एक महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने ऐसा काम किया है जिसकी पूरे जनपद में काफी चर्चा हो रही है। उन्होंने दिन शनिवार को बैंक एवं बैंक के एटीएम चैकिंग के दौरान देखा कि भीषण गर्मी की तपती धूप में बुजुर्ग महिला जो की नंगे पैर खड़ी है उसके एक पैर में चप्पल नही है जिसको देख महिला अधिकारी का दिल पसीजा तभी ड्यूटी पर तैनात महिल थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने बुजुर्ग महिला को इस हालत में देखकर उनसे पैरों में चप्पल  न होने  का कारण पूछा।  बुजर्ग महिला ने  बताया कि मेरे पास ज्यादा पैसे न है जो पैसे थे उसका समान खरीद लिया पास में पैसे ना होने के चलते वो चप्पल नही खरीद सकती यहाँ काफी चप्पल गांठने वाला मोची भी नही है जिसके चलते मेरे पैर में चप्पल नही है।  जिसको सुनकर महिला अधिकारी ने मानवता का परिचय देते हुए अपनी टीम में से एक पुलिसकर्मी को भेजकर अपने पैसों से बुजुर्ग महिला के लिए एक नई चप्पल मंगवा कर दी एवं ई रिक्शा को रुकवा कर उस बुज़ुक महिला को उसके घर भेजा।

जिसके देख वहाँ मौजूद लोग महिला अधिकारी की जवर्दस्त प्रशंसा करते नजर आए । आप को बता दे कि जनपद बदायूँ की महिला थाना प्रभारी रेनू सिंह की एंटी रोमियो की टीम जिले  के मुख्य चौराहों मार्किट में युवतियों , महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूक कर रही है। इस दौरान वह रेलवे स्टेशन पहुंच कर रेलवे स्टेशन में मौजूद महिलाओं को भी जागरूक करती दिखाई देती है। प्रदेश सरकार की मुहिम के अनुसार  नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी शक्ति के लिए चलाये जा रहे अभियान "मिशन शक्ति" के तहत महिला थाना प्रभारी रेनू सिंह अपनी टीम के साथ जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं युवतियों को जागरूक कर रहे है ।  प्रमुख चौराहों, बाजारों, विद्यालयों, विभन्न मन्दिरों, मेलों आदि में महिलाओं/छात्राओं/बालिकाओं को सुरक्षा एवं सम्मान हेतु जारी विभन्न हेल्पलाइन नम्बर, 1090, 1078, 102, 108 181, 112, 1076 एवं महिला अपराध आदि के सम्बंध में कानून और अधिकारों की जानकारी देकर महिलाओं को उनके अधिकार एवं कानून के प्रति जागरूक कर मजबूत करती दिख रही है।महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे विशेष कदम 'मिशन शक्ति' उत्तर प्रदेश की महिला पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं है।

शासन ने पहली बार बड़े स्तर पर महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका भी बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 'मिशन शक्ति' को लेकर अधीनस्थों को कई कड़े दिशा निर्देश दिए हैं।महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए महिला  थाना प्रभारी रेनू सिंह  अपनी पुलिस टीम के साथ आगामी ईद अक्षय तृतीया त्‍योहारो के चलते पूरी सक्रियता से फील्ड पर नजर आ रही है। शोहदों पर उनकी कड़ी नज़र रखने के लिए  महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह के नेतृत्व में प्रमुख स्थलों पर सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेकर खास भूमिका निभाती नज़र आ रही है। बताते चले कि महिलाओं सुरक्षा के लिए कई तरह की मुहिम चलाई जा रही है. इसी के मद्देनजर नवरात्रि से लेकर चल रहे रमज़ान तक महिला थानाध्यक्ष द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है . एंटी रोमियों  की नोडल अधिकारी, महिला थाना प्रभारी  रेनू सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ शहर के मंदिरों  में पहुंच कर  मनचलों पर  पैनी निगाह  रखती नज़र आती है साथ ही मौजूद महिलाओं युवतियों से वार्तालाप कर जानकारी हासिल करने के साथ ही  बेवजह घूम रहे युवकों से पूछताछ रोक टोक करती है. महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने कहा कि हम हमारी टीम पूरी तरह से सक्रिय है, प्रतिदिन निर्धारित जगहों पर जाकर मनचलो, अराजक तत्वों की खबर ली जाती है
 अब मनचलों ,अराजक तत्वों की खैर नहीं है.  लगातार भ्रमण कर के अराजक तत्वों पर कार्रवाई की जाएगी. मजनू लड़कों के मां-बाप का मोबाइल नंबर लेकर उन को बताया जाएगा कि आपका लड़का किस लाइन पर जा रहा है. उन्हें यह भी बताया जाएगा कि अभी बच्चे को संभालिए नहीं तो पूरा कैरियर खराब हो सकता है। अगर वो फिर भी नही मानते है लगातार यही किया तो कई धाराएं लगाकर जेल भेज दिया जाएगा. इससे आगे भविष्य में कोई सरकारी जॉब वगैरह नहीं कर सकता।माता पिता के कहने पर ही हम अराजक तत्वों को छोड़ेंगे. इसके लिए उनसे शपथ पत्र भी लिया जाएगा, कि वह अपने बच्चे को समझाएंगे और ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी.अगर दोबारा ऐसा होता है तो उचित धाराओं में मुकदमा लिख कर जेल भेजा दिया जाएगा। साथ ही कहना चाहूंगी कि किसी भी किसी तरह की महिला सम्बंधित परेशानी हो तो मेरे थाना परिसर में आ कर मिले य फिर फ़ोन से भी अपनी परेशानी की सूचना दे सकती है बदायूँ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ० ओ.पी सिंह महोदय के निर्देशन में किसी भी अपराधी , खुरापाती  अराजक तत्व को बर्दाश्त नही किया जाएगा।

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